उत्तराखंड के सभी जिलों में बीती रात से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है। इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं से अब तक 27 लोगों की मौत और 36 लोग घायल हो चुके हैं। शुक्रवार को भी पिथौरागढ़ में भारी बारिश के कारण जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर बंगापानी के पास सड़क पर ही झरना बहने लगा, जिससे वाहनों की आवाजाही रुक गई।
72 सड़कें बंद
राज्य में 72 सड़कें बंद हैं, जिनमें सबसे अधिक 14 सड़कें पिथौरागढ़ की हैं। वहीं टिहरी बांध का जलस्तर 814.71 मीटर पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर 815 मीटर से सिर्फ 29 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि, बांध का खतरे का स्तर 830 मी है। उधर देवप्रयाग में गंगा भी चेतावनी स्तर से सिर्फ 40 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। मौसम विभाग ने आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदी-नालों के उफान का खतरा बना हुआ है।
झेकला नाले का जलस्तर बढ़ा
पिथौरागढ़ में भारी बारिश के बीच झेकला नाले का जलस्तर अचानक से बढ़ गया। पानी बढ़ने से थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग बंद हो गया। स्थानीय लोगों के लिए यह नाला अगस्त 2009 की उस आपदा की याद भी दिला रहा है, जब बादल फटने और अचानक आई बाढ़ में इलाके में करीब 2 दर्जन लोगों की जान चली गई थी। देहरादून के कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में 14 से 17 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।