भोपाल नगर निगम के करोड़ों रुपये की लागत से बने नवनिर्मित अटल भवन में अव्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई, जब एक महिला कर्मचारी अचानक लिफ्ट खराब होने के कारण करीब आधे घंटे तक उसमें फंसी रही। इस घटना ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अचानक बंद हुई लिफ्ट, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार महिला कर्मचारी नियमित कार्य के दौरान लिफ्ट से एक मंजिल से दूसरी मंजिल जा रही थी। इसी दौरान लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई। लिफ्ट के भीतर फंसी कर्मचारी ने मदद के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन तत्काल राहत नहीं मिल सकी। घटना के बाद भवन में मौजूद कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आधे घंटे तक नहीं मिली तत्काल मदद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला कर्मचारी लगभग 30 मिनट तक लिफ्ट के अंदर कैद रही। हैरानी की बात यह रही कि इतने लंबे समय तक न तो कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही आपातकालीन सहायता प्रणाली सक्रिय होती दिखाई दी। कर्मचारियों का कहना है कि यदि लिफ्ट में फंसे व्यक्ति की तबीयत बिगड़ जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
आपातकालीन प्रबंधन पर खड़े हुए प्रश्न
घटना के बाद नगर निगम के नए मुख्यालय में स्थापित सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए आधुनिक भवन में यदि लिफ्ट जैसी मूलभूत सुविधा भी सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित नहीं हो पा रही है, तो यह चिंता का विषय है।
जांच और सुधार की मांग
घटना के बाद कर्मचारियों ने लिफ्टों की नियमित जांच, तकनीकी ऑडिट और आपातकालीन सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नगर निगम प्रशासन को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।