हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने की दिशा में अपने अभियान को और तेज करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को घोषणा की कि चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दूसरे चरण में जिला उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
पंचायत प्रतिनिधियों को दिलाई एंटी-चिट्टा शपथ
मुख्यमंत्री शिमला के पीटरहॉफ होटल में आयोजित नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को एंटी-चिट्टा शपथ दिलाते हुए अपनी-अपनी पंचायतों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पंचायतें सरकार और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में चुने हुए प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाएं और युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करें।
हिमाचल सीएम सुक्खू
खेल, शिक्षा और संस्कृति से युवाओं को जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री सुक्खू ने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे खेल, शिक्षा, संस्कृति और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दें, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, ग्रीन हिमाचल, शिक्षित हिमाचल, स्वस्थ हिमाचल, रोजगार सृजन, वित्तीय प्रबंधन, कर्मचारी कल्याण और नशा निवारण जैसे क्षेत्रों में दूरदर्शी सोच के साथ कार्य कर रही है।
समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न बोर्डों एवं आयोगों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर
किशाऊ बांध परियोजना पर बैठक के लिए दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री
इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सोमवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली किशाऊ बांध परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेंगे।
प्रभावित परिवारों के हितों की उठाएंगे आवाज
यमुना नदी पर प्रस्तावित किशाऊ बांध परियोजना हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़ी एक बहुउद्देशीय योजना है। इसका उद्देश्य जल भंडारण, सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन को बढ़ावा देना है।
बैठक में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और परियोजना से प्रभावित परिवारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री सुक्खू राज्य के हितों की मजबूती से पैरवी करेंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा तथा पुनर्वास सुविधाएं मिलें। साथ ही परियोजना से मिलने वाले लाभों में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जा सकते हैं।