MP में पहली बार डेंगू नियंत्रण के लिए AI मॉडल लागू, मरीजों को पहले ही मिलेगी खतरे की चेतावनी

मध्यप्रदेश में AI द्वारा डेंगू नियंत्रण

MP में पहली बार डेंगू नियंत्रण के लिए AI मॉडल लागू, मरीजों को पहले ही मिलेगी खतरे की चेतावनी

मध्यप्रदेश में डेंगू नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रणाली लागू की गई, जो प्रभावित क्षेत्रों की जल्द पहचान कर सकेगी।

mp में पहली बार डेंगू नियंत्रण के लिए ai मॉडल लागू मरीजों को पहले ही मिलेगी खतरे की चेतावनी

AI इमेज |

मध्यप्रदेश में डेंगू और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रेडिक्शन सिस्टम लागू किया है। इस तकनीक की मदद से संभावित डेंगू प्रभावित क्षेत्रों की पहले से पहचान कर वहां समय रहते रोकथाम के उपाय किए जा सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह प्रणाली बीमारी फैलने से पहले ही जोखिम का संकेत देने में सक्षम होगी।

AI बताएगा कहां बढ़ सकता है डेंगू का खतरा

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हिमांशु जायसवार के अनुसार, इस सिस्टम में पिछले वर्षों के डेंगू मामलों, मौसम विभाग के वर्षा और तापमान संबंधी आंकड़ों, जनसंख्या घनत्व तथा शहरी-ग्रामीण परिस्थितियों का विश्लेषण किया जा रहा है।इस डेटा के आधार पर यह अनुमान लगाया जाएगा कि अगले एक महीने में किन क्षेत्रों में डेंगू के मामले बढ़ने की संभावना है। इससे स्वास्थ्य विभाग को पहले से तैयारी करने का अवसर मिलेगा।

जोखिम वाले क्षेत्रों में पहले शुरू होगी कार्रवाई

यदि किसी क्षेत्र को हाई-रिस्क श्रेणी में चिन्हित किया जाता है, तो वहां पहले से ही लार्वा सर्वे, फॉगिंग, कीटनाशक छिड़काव और जनजागरूकता अभियान तेज कर दिए जाएंगे। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि समय रहते हस्तक्षेप करने से संक्रमण के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकेगा।

38.70 लाख घरों का सर्वे, 303 मरीज मिले

डेंगू नियंत्रण अभियान के तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण किया गया है।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियां

विवरण

आंकड़ा

सर्वे किए गए घर

38.70 लाख

लार्वा मिले घर

20,238

नष्ट किए गए लार्वा स्थल

सभी प्रभावित घरों में कार्रवाई

जांचों की संख्या

18 हजार से अधिक

मिले डेंगू मरीज

303

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जहां भी मच्छरों का लार्वा मिला, उसे तत्काल नष्ट कर आवश्यक नियंत्रण उपाय किए गए।

ड्रोन और AI से मजबूत हो रही निगरानी

इंदौर सहित कई जिलों में पहले से ड्रोन तकनीक का उपयोग कर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। अब इस व्यवस्था को AI आधारित पूर्वानुमान प्रणाली से जोड़ा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन सर्विलांस और AI एनालिटिक्स का यह संयोजन डेंगू नियंत्रण को अधिक प्रभावी बना सकता है। प्रदेश में डेंगू जांच के लिए 64 सेंटीनल लैब में निःशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 28 जिलों में करीब 1,500 वालंटियर जागरूकता अभियान, सर्वे और रोकथाम गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

2025 की तुलना में कम हुए डेंगू के मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक डेंगू के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रदेश में बड़े स्तर पर संक्रमण फैलने जैसी स्थिति नहीं है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी और समय पर हस्तक्षेप से आने वाले वर्षों में डेंगू नियंत्रण अभियान को और अधिक सफलता मिल सकती है।

संबंधित सामग्री

चांदनी की चमक से रोशन हुआ MP,12वीं बोर्ड परीक्षा की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा से मिले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

राज्य

चांदनी की चमक से रोशन हुआ MP,12वीं बोर्ड परीक्षा की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा से मिले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट छात्रा चांदनी विश्वकर्मा को उनके घर जाकर सम्मानित किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

2440 बसों का फर्जी खेल! नियम तोड़कर हुए रजिस्ट्रेशन, अब अफसरों पर कार्रवाई की मांग

राज्य

2440 बसों का फर्जी खेल! नियम तोड़कर हुए रजिस्ट्रेशन, अब अफसरों पर कार्रवाई की मांग

मध्य प्रदेश में 2440 बसों का अनियमित पंजीयन सामने आया है, जिसमें स्कूल और शैक्षिक संस्थानों की बसें शामिल हैं। जांच जारी है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

भोपाल-ग्वालियर में अगले दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, 30 जिलों में मौसम बदलेगा

राज्य

भोपाल-ग्वालियर में अगले दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, 30 जिलों में मौसम बदलेगा

मध्य प्रदेश में रविवार को भारी बारिश हुई, जिससे तापमान में कमी आई। IMD ने भोपाल और ग्वालियर संभाग में तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है।

2047 तक MP में 1 करोड़ MSME इकाइयों का लक्ष्य, 2 करोड़ लोगों को मिलेगा रोजगार: डॉ. मोहन यादव

राज्य

2047 तक MP में 1 करोड़ MSME इकाइयों का लक्ष्य, 2 करोड़ लोगों को मिलेगा रोजगार: डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश सरकार ने 2047 तक 1 करोड़ MSME इकाइयों के स्थापना का लक्ष्य रखा है, जिससे 2 करोड़ लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

MP में महापौर और नपा अध्यक्षों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू, नगरीय विकास आयुक्त बनाए गए अधिकृत अधिकारी

राज्य

MP में महापौर और नपा अध्यक्षों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू, नगरीय विकास आयुक्त बनाए गए अधिकृत अधिकारी

मध्य प्रदेश सरकार ने नगर निगम और नगर पालिका चुनावों के लिए महापौर और अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू की है।