मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग महिला ने अपने 42 वर्षीय बेटे के शव को करीब पांच दिनों तक घर में रखा। महिला को विश्वास था कि उसका बेटा फिर से जीवित हो जाएगा, इसलिए वह लगातार उसके शव के पास बैठकर प्रार्थना करती रही। मामले का खुलासा तब हुआ जब घर के आसपास तेज बदबू फैलने लगी।
बदबू से हुआ मौत का खुलासा
जानकारी के अनुसार, मोहल्ले के लोगों और दूध वितरक को घर से असामान्य बदबू आने लगी। जब दूध देने पहुंचे व्यक्ति ने दरवाजे के पास खून के निशान और तेज दुर्गंध महसूस की, तो उसे कुछ अनहोनी का शक हुआ। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घर के अंदर जांच की।
महिला बेटे को जीवित होने की उम्मीद में बैठी रही
पुलिस जांच में पता चला कि महिला अपने बेटे की मौत को स्वीकार नहीं कर पा रही थी। वह शव के ऊपर बाइबल रखकर लगातार प्रार्थना कर रही थी और उसे उम्मीद थी कि उसका बेटा दोबारा जीवित हो जाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके कारण वह इस तरह की हरकत कर रही थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
सिविल लाइन थाना प्रभारी राज्यपाल सिंह जादौन ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। जांच के दौरान घर के अंदर मृतक का शव मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूध वितरक ने बताई पूरी घटना
दूध वितरक सचिन लोधी ने बताया कि जब वह सुबह दूध देने पहुंचा तो घर से बदबू आ रही थी। पूछताछ करने पर महिला ने कहा कि उसके बेटे को किसी ने मार दिया है। इसके बाद उसने तुरंत आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।