मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग के शासन, मुख्यालय और फील्ड स्तरीय अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर रहे थे। CM ने अधिकारियों से कहा कि कर प्रणाली को अधिक सरल, डिजिटल और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि GST पंजीयन, रिटर्न दाखिले, अपील निस्तारण और रिफंड जैसी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी समाप्त होनी चाहिए।
CM के निर्देश
CM योगी ने कहा कि राज्य कर विभाग को निर्देश दिए हैं कि कर संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने में राज्य कर विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और विभाग को राजस्व वृद्धि के साथ विश्वास आधारित प्रशासन का मॉडल प्रस्तुत करना होगा।
सहायता कार्यक्रम चलाए जाए
उन्होंने व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने, छोटे कारोबारियों को जागरूक करने और जिला एवं खंड स्तर तक करदाता सहायता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। CM ने कहा कि तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर कर चोरी रोकने के साथ-साथ वैध व्यापार को प्रोत्साहन देना जरूरी है।
1,15,977 करोड़ का राजस्व
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने GST और वैट मद में कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो पुनरीक्षित अनुमान का लगभग 98.8% रहा। GST में उत्तर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि महाराष्ट्र प्रथम और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहे। बैठक में यह भी बताया गया कि GST बकाया के रूप में 2658 करोड़ रुपये जमा हुए, जो पिछले साल की तुलना में 228% ज्यादा हैं। वहीं वैट बकाया के रूप में 800 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो गत वर्ष से 29 प्रतिशत ज्यादा है। प्रवर्तन इकाइयों के माध्यम से 2071 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक रही।