MP में सरकारी नौकरी के नियम होंगे सख्त, दो से ज्यादा बच्चे और एक से अधिक पत्नी व...

MP Government Jobs Rules 2026 May Get Stricter

MP में सरकारी नौकरी के नियम होंगे सख्त, दो से ज्यादा बच्चे और एक से अधिक पत्नी वालों पर लग सकती है रोक

MP सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए नए नियम प्रस्तावित किए हैं, जिसमें एक से अधिक जीवित जीवनसाथी और दो से अधिक संतान वाले अयोग्य होंगे।

mp में सरकारी नौकरी के नियम होंगे सख्त दो से ज्यादा बच्चे और एक से अधिक पत्नी वालों पर लग सकती है रोक

मध्य प्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों के लिए पात्रता नियमों को और कड़ा करने की तैयारी में है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 2026 के मसौदे में ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनके लागू होने पर एक से अधिक जीवित पत्नी या पति रखने वाले, दो से अधिक संतान वाले तथा नैतिक अधमता (Moral Turpitude) से जुड़े अपराधों में दोषी व्यक्तियों को सरकारी सेवा से बाहर रखा जा सकता है।

सरकार ने मसौदा नियमों पर 15 जून 2026 तक आमजन, कर्मचारियों और संबंधित पक्षों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगे।

एक से अधिक जीवित पत्नी पर नियुक्ति नहीं

प्रस्तावित नियमों के अनुसार यदि किसी उम्मीदवार की एक से अधिक जीवित पत्नी या पति है, तो वह सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जाएगा। हालांकि विशेष परिस्थितियों में राज्य सरकार को छूट देने का अधिकार प्रस्तावित किया गया है। यानी कुछ मामलों में सरकार विवेकाधिकार का उपयोग कर सकती है।

दो से अधिक बच्चों पर भी भर्ती में रोक

सरकार ने दो-संतान नीति से जुड़े मौजूदा प्रावधान को मसौदे में बरकरार रखा है। इसके अनुसार ऐसे उम्मीदवार सरकारी सेवा के लिए पात्र नहीं होंगे जिनके दो से अधिक जीवित बच्चे हैं और उनमें से कोई संतान 26 जनवरी 2001 या उसके बाद जन्मी है।

किन मामलों में मिलेगी छूट? यदि पहली संतान के बाद एक ही प्रसव में जुड़वा या उससे अधिक बच्चों का जन्म होता है,ऐसी स्थिति में अतिरिक्त बच्चों को नियम उल्लंघन नहीं माना जाएगा। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार दो-संतान नीति को और मजबूत स्वरूप देने के लिए इसे कैबिनेट स्तर पर भी विचार के लिए ला सकती है।

अपराधियों के लिए भी सख्त प्रावधान

नए नियमों में नैतिक अधमता से जुड़े गंभीर अपराधों में दोषसिद्ध व्यक्तियों की नियुक्ति पर भी रोक का प्रस्ताव है। सरकार का मानना है कि प्रशासनिक सेवाओं में ईमानदारी, पारदर्शिता और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे प्रावधान जरूरी हैं।

15 जून तक जनता दे सकेगी सुझाव

सामान्य प्रशासन विभाग ने मसौदा सार्वजनिक कर दिया है। कर्मचारी संगठन, अभ्यर्थी और आम नागरिक 15 जून तक अपने सुझाव और आपत्तियां विभाग को भेज सकते हैं। प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगे।

 

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