मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए SIT बनाई, वहीं हर दिन कई नए खुलासे हो रहे है।

शव लेने से इनकार
घटना के 7 दिन बाद भी परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया है और इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बता रहा है। मृतका के परिजन पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। ट्विशा और समर्थ डेटिंग एप के जरिए मिले थे दोनों की धूमधाम से शादी हुई थी, लेकिन शादी के 5 महीने बाद ही उसने खुदकुशी कर ली। इस रिपोर्ट मे जानिए चैट में क्या मिला, और पुलिस की जांच पर सवाल क्यों उठ रहे है?
ससुराल पर आरोप
12 मई को छत के सरिये से ट्विशा फांसी पर लटकी मिली थी। लड़की के परिवार का आरोप है कि समर्थ का परिवार उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दे रहा था। परिवार के दबाव के बाद मृतका के ससुराल पक्ष के लोगों पर केस दर्ज किया गया। लेकिन उन्हें तुरंत अंतिम जमानत भी मिल गई, इसी बीच अब ट्विशा की चैट भी वायरल हुई।
Chat में क्या मिला?
व्हाट्सएप मैसेज और करीबी दोस्तों से हुई बातचीत ने उनकी वैवाहिक जिंदगी की कड़वी सच्चाई उजागर कर दी है। मौत से पहले मां और दोस्तों को भेजे गए ट्विशा के संदेश अब इंटरनेट मीडिया और जांच एजेंसियों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। अपनी मां को भेजे मैसेज में ट्विशा ने खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित और “नरक जैसी जिंदगी” में फंसा बताया। एक चैट में लिखा था— “मम्मी, मेरा जीवन नरक हो गया है।” उन्होंने सवाल किया था कि आखिर उन्हें भोपाल क्यों भेजा गया, क्योंकि उनके पति उनसे बात तक नहीं कर रहे थे। ट्विशा ने मां को मैसेज में लिखा था, कि समर्थ पूछता है कि मेरे पेट में किसका बच्चा है। मेरा जीवन नर्क हो गया है, ये सब बहुत निर्दयी है, आप मुझे यहां से आकर ले जाओ।

इसके अलावा अपनी दोस्त को ट्विशा ने कहा था कि मैं फंस चुकी हु तुम मत फंसना, ज्यादा नहीं बता सकती, सही वक्त आने पर फोन करूंगी।
पुलिस की लापरवाही
इधर भोपाल पुलिस पर सवाल उठ रहे है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से ट्विशा की मौत की पुष्टि हुई है। अब चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि पोस्टमार्टम के वक्त फांसी वाली बेल्ट भोपाल एम्स हॉस्पिटल नहीं भेजी गई। बाद में इस बेल्ट को भेजा गया था। पोस्टमार्टम के दौरान बेल्ट नहीं होने की वजह से डॉक्टर फांसी के साधन और गर्दन पर बने निशान का मिलान नहीं कर पाए। ऐसे में लिगेचर मार्क का वैज्ञानिक मिलान और उसका माप भी नहीं हो सका। भोपाल पुलिस ने अपनी इस गलती को माना भी किया है। एसीपी रजनीश कश्यप ने माना है कि IO ने बेल्ट शव के साथ सबमिट नहीं किया था। इसे लेकर लापरवाही बरती गई। उन्होंने iO पर कार्रवाई करने की भी बात कही।
CM हाउस के आश्वासन
ट्विशा का परिवार दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहा है। साथ ही ये भी कहा है की दूसरे प्रदेश में पोस्टमार्टम किया जाए। इसके लिए वे CM हाउस भी पहुंचे थे। सीएम हाउस के सामने खड़े होकर मुख्यमंत्री से मिलने की गुहार लगाई और काफी देर तक वहीं डटे रहे। इसके बाद उन्हें जांच का आश्वासन मिला। ट्विशा के माता पिता ने कहा कि कमीश्नर ने दौबारा पोस्टमार्टम के लिए अप्रुवल दे दिया था, लेकिन फिर उसे डिनाई कर दिया गया. कहा गया कि परमिशन कोर्ट से लेनी पड़ेगी।
‘ड्रग्स लेती थी ट्विशा’
इधर, ससुराल पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि ट्विशा नशे की आदी थीं और उसे बार-बार मूड स्विंग की समस्या होती थी. ससुराल पक्षने आरोप लगाया कि ट्विशा ड्रग्स लेती थीं.
10 हजार का इनाम
वहीं 18 मई को ही ट्विशा के पिता नवनिधि ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पिता ने सुप्रीम कोर्ट में मामला चलाए जाने की मांग भी की है। पुलिस ने समर्थ के गिरफ्तारी के लिए कई टीम तैनात की हैं और 10 हजार रुपये का इनाम रखा है। साथ ही पासपोर्ट जब्ती के लिए आवेदन भी भेजा है।