पश्चिम बंगाल की TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 बागी सांसदों ने ममता बनर्जी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय का ऐलान कर दिया है। बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की।
‘NDA के साथ करेंगे काम’
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष ने कहा कि TMC के दो-तिहाई लोकसभा सांसदों ने अलग गुट के रूप में मान्यता देने के लिए पत्र सौंप दिया है। उन्होंने कहा- आगे हम PM मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। बिरला से TMC के बागी सांसदों की मुलाकात की, उसमें 17 TMC सांसद दिख रहे हैं। स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात से पहले सांसदों ने बंगाल BJP प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक की थी
कब बनी NCPI?
रिकॉर्ड के मुताबिक, NCPI पश्चिम बंगाल के हावड़ा में रजिस्टर्ड पार्टी है। 3 साल पहले, 2023 में उत्तिया कुंडू और शेउली कुंडू नाम के एक कपल ने पार्टी की नींव रखी। NCPI के डॉक्यूमेंट्स में पत्नी शेउली कुंडू का नाम कोषाध्यक्ष के रूप में दर्ज है। शेउली खुद को कलकत्ता हाईकोर्ट की वकील बताती हैं। पार्टी के अध्यक्ष उत्तिया कुंडू हैं, जो शेउली कुंडू के पति हैं। उत्तिया ने एक फेसबुक पोस्ट में बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी के साथ फोटो भी शेयर की।
NCPI के फाउंडर
NOTA से भी कम वोट
NCPI ने 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में 4 उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन उन उम्मीदवारों को NOTA से भी कम वोट मिले। पार्टी को कुल मिलाकर 1,198 वोट मिले थे। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक पार्टी को कुल ₹1.13 लाख का चंदा मिला था। NCPI के चुनावी पोस्टरों में नारा था- अपने अधिकारों को बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें।