देशभर में 15 लाख मेडिकल स्टोर बंद, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में उतरे दवा व्यापारी

15 Lakh Medical Stores Closed in India

देशभर में 15 लाख मेडिकल स्टोर बंद, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में उतरे दवा व्यापारी

देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 15 लाख से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहे। कई राज्यों में मरीजों और लोगों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।

देशभर में 15 लाख मेडिकल स्टोर बंद ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में उतरे दवा व्यापारी

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देशभर में बुधवार को दवा दुकानों की बड़ी हड़ताल देखने को मिली। ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़ी ई-फार्मा कंपनियों के विरोध में 15 लाख से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहे। इस बंद का आह्वान All India Organisation of Chemists and Druggists ने किया था।

मध्यप्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार, पंजाब और चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में मेडिकल स्टोर बंद रहने से लोगों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर खुले रखे गए ताकि इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित न हों।

ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ विरोध

AIOCD के अध्यक्ष जगन्नाथ शिंदे ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन दवा सप्लाई के लिए दी गई छूट का अब गलत इस्तेमाल हो रहा है।संगठन का आरोप है कि बिना पर्याप्त नियमों के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से छोटे मेडिकल स्टोर प्रभावित हो रहे हैं और मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ रहा है।

दवा व्यापारियों की मुख्य मांगें

दवा व्यापारियों ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए

  • GSR 220(E) और GSR 817(E) नियम वापस लिए जाएं

  • ई-फार्मेसी के लिए नए और सख्त नियम बनाए जाएं

  • भारी डिस्काउंट देने वाली ऑनलाइन कंपनियों पर नियंत्रण किया जाए

संगठन का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकली या गलत प्रिस्क्रिप्शन के जरिए दवाइयों की बिक्री का खतरा बढ़ रहा है।

कई राज्यों में मरीज हुए परेशान

दिल्ली में 15 से 20 हजार तक मेडिकल स्टोर बंद रहे। लुधियाना, भोपाल, रायपुर और चित्तौड़गढ़ जैसे शहरों में भी मेडिकल मार्केट में सन्नाटा देखने को मिला। मध्यप्रदेश में भोपाल समेत कई शहरों में करीब 3 हजार मेडिकल स्टोर बंद रहे। वहीं छत्तीसगढ़ में लगभग 18 हजार मेडिकल स्टोर बंद होने की जानकारी सामने आई। दवाइयों की जरूरत वाले कई लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ी, हालांकि अस्पताल मेडिकल स्टोर्स खुले रहने से इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं।

सरकार का दावा- दवाओं की किल्लत नहीं होगी

रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने कहा है कि हड़ताल के बावजूद दवाओं की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी। सरकार का दावा है कि कई राज्यों के दवा व्यापारी संगठनों ने बंद से खुद को अलग रखा है। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश समेत करीब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ संगठनों ने दुकानें खुली रखने का फैसला लिया।

 

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