भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान और उनकी दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम से जुड़ी संपत्तियों के शत्रु संपत्ति विवाद में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कोहेफिजा स्थित रियाज मंजिल और इससे जुड़े खसरों पर काबिज 25 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस पाने वाले सभी लोगों को 24 सितंबर को संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य के साथ अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। प्रशासन की जांच के बाद संबंधित जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
1920 में बनी थी रियाज मंजिल
रियाज मंजिल का निर्माण वर्ष 1920 में नवाब हमीदुल्लाह खान ने अपनी छोटी बेगम आफताब जहां के लिए करवाया था। बाद में आफताब जहां के पाकिस्तान की नागरिक बनने के आधार पर इस संपत्ति को शत्रु संपत्ति माने जाने का मामला सामने आया। खानूगांव में बड़े तालाब के किनारे स्थित इस हवेली से जुड़े भवन का इस्तेमाल फिलहाल ‘बगोबाहर’ नाम के शादी हॉल के रूप में किया जा रहा है। परिसर में कई आवासीय निर्माण भी बताए जाते हैं। नए निर्माण को लेकर एनजीटी में शिकायत भी हो चुकी है।
खसरा नंबर 42 की जांच
सहायक अभिरक्षक शत्रु संपत्ति एवं एसडीएम संत हिरदाराम नगर रवीश श्रीवास्तव ने 16 सितंबर से कोहेफिजा क्षेत्र में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की। नोटिस खसरा नंबर 42/10, करीब 0.0320 हेक्टेयर जमीन समेत रियाज मंजिल से जुड़े अन्य खसरों पर काबिज लोगों को दिए गए हैं। नोटिस में भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय की ओर से 29 अप्रैल 2024 को रियाज मंजिल को शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने का उल्लेख है। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड के कॉलम-12 में दर्ज ‘शत्रु संपत्ति जांच’ की प्रविष्टि का भी हवाला दिया गया है।
नवाब परिवार की अन्य संपत्तियां भी जांच में
जून 2026 में भोपाल कलेक्टर ने शत्रु संपत्तियों की जांच के लिए बैरागढ़ समेत अलग-अलग एसडीएम को निर्देश दिए थे। इसके बाद रियाज मंजिल के अलावा मेपल हाउस, नानी की हवेली और नवाब परिवार से जुड़ी अन्य संपत्तियां भी जांच के दायरे में आने की जानकारी सामने आई। आफताब जहां से जुड़ी जमीनों को लेकर भी दावे सामने आए हैं। बेहटा और बोरबन क्षेत्र में उनके नाम पर सैकड़ों एकड़ जमीन दर्ज होने की बात कही गई है। अब प्रशासन की जांच और 24 सितंबर को होने वाली सुनवाई के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।