सड़क धंसने की घटना इंदौर में

40 करोड़ की सड़क का ‘लाइव सरेंडर’, पाइपलाइन टेस्टिंग होते ही धंसी सड़क!

इंदौर के गोयलपुरा में पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान सड़क धंस गई, जिससे करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।

40 करोड़ की सड़क का ‘लाइव सरेंडर’, पाइपलाइन टेस्टिंग होते ही धंसी सड़क!

इंदौर में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गोयलपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान अचानक सड़क धंस गई और जमीन फाड़कर पानी बाहर निकल आया। देखते ही देखते सड़क पर पानी का तेज बहाव शुरू हो गया। इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, गोयलपुरा क्षेत्र में करीब चार साल बाद पाइपलाइन की टेस्टिंग की जा रही थी। इसी दौरान सड़क के नीचे से अचानक पानी बाहर आने लगा। पानी का दबाव बढ़ने के साथ सड़क का एक हिस्सा धंस गया और वहां बड़े गड्ढे व दरारें दिखाई देने लगीं।

करोड़ों की सड़क पर सवाल

बताया जा रहा है कि जिस सड़क को करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था, उसी सड़क के धंसने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़क की हालत खराब हो गई है। पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान सामने आई स्थिति ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है।

सड़क फटी और बहने लगा पानी

घटना के दौरान सड़क का हिस्सा अचानक टूट गया और पानी तेजी से बाहर आने लगा। सड़क पर पानी जमा होने के साथ बड़े गड्ढे बन गए। कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। स्थानीय रहवासियों ने मौके की स्थिति को देखकर चिंता जताई और जिम्मेदार विभागों से जवाब मांगने की बात कही।

चार साल बाद टेस्टिंग में सामने आई समस्या

स्थानीय जानकारी के अनुसार, पाइपलाइन की टेस्टिंग करीब चार साल बाद की जा रही थी। टेस्टिंग के दौरान सड़क और पाइपलाइन से जुड़ी संभावित तकनीकी खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, सड़क धंसने की वास्तविक वजह क्या है, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर सड़क निर्माण और पाइपलाइन बिछाने के दौरान गुणवत्ता का सही तरीके से ध्यान रखा गया होता तो ऐसी स्थिति सामने नहीं आती।

जांच के बाद साफ होगी असली वजह

फिलहाल घटना के बाद सड़क की स्थिति को लेकर चर्चा तेज है। सड़क धंसने और पानी के तेज बहाव ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाह इस बात पर है कि तकनीकी जांच में सड़क और पाइपलाइन की खामी की क्या वजह सामने आती है और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

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