लैंडस्लाइड ऑन केदारनाथ पैदल मार्ग

केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन: पत्थर और मलबा गिरने से रास्ता बंद, श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी गई

उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन की घटना के बाद रास्ता बंद कर दिया गया। श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी गई और आपदा परिचालन केंद्र सक्रिय हो गया।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन: पत्थर और मलबा गिरने से रास्ता बंद, श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी गई

रुद्रप्रयाग/देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन की घटना सामने आई है। रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड से करीब एक किलोमीटर आगे छोड़ी के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर अचानक पत्थर और मलबा गिरने से रास्ता अस्थायी रूप से बंद हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही तत्काल रोक दी है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है।

सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन

घटना की जानकारी मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र सक्रिय हो गया। प्रशासन ने सेक्टर अधिकारी, गौरीकुंड को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही संबंधित विभागों की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और मलबा हटाने के साथ-साथ मार्ग को सुरक्षित बनाने का कार्य शुरू कर दिया।

युद्धस्तर पर चल रहा राहत एवं बचाव कार्य

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।उन्होंने बताया कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रियों की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी।

कई एजेंसियां अलर्ट मोड पर

प्रशासन के अनुसार, घटनास्थल पर DDRF, YMF, आपदा मित्र, MPF और पुलिस की टीमें राहत एवं सुरक्षा कार्यों में जुटी हुई हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

श्रद्धालुओं से की गई अपील

प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि मौसम और मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैसे ही रास्ता पूरी तरह सुरक्षित होगा, केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रा फिर से शुरू कर दी जाएगी।

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