मध्य प्रदेश में भारी बारिश

एमपी में 60 घंटे से लगातार बारिश, 40 से ज्यादा जिले भीगे

मध्य प्रदेश में तीन मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से भारी बारिश जारी है, 40 से ज्यादा जिले प्रभावित हैं, सड़कें और जनजीवन प्रभावित हुआ है।

एमपी में 60 घंटे से लगातार बारिश, 40 से ज्यादा जिले भीगे

मध्य प्रदेश में तीन मजबूत मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से पिछले 60 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के 40 से ज्यादा जिले बारिश से प्रभावित हैं। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने अगले 24 घंटे के लिए इंदौर, उज्जैन सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है।

तीन सिस्टम से बढ़ी बारिश की तीव्रता

मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण कम समय में कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। यही वजह है कि प्रदेश में बारिश का दौर लगातार बना हुआ है।

बारिश ने बारात का रंग भी फीका किया

इंदौर में लगातार बारिश का असर शादी समारोहों पर भी देखने को मिला। गुरुवार सुबह गंगवाल से राजमोहल्ला जा रही एक बारात में दूल्हा डीजे के साथ अकेले आगे बढ़ता दिखाई दिया। तेज बारिश के कारण अधिकांश बाराती वाहनों या सुरक्षित स्थानों पर रुक गए। यह अनोखा नजारा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी मुश्किलें

रीवा जिले की रौली ग्राम पंचायत में नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीणों ने लकड़ी, बांस और रस्सियों की मदद से अस्थायी पुल बनाया है। इसी पुल से बच्चे, महिलाएं और किसान रोजाना नदी पार कर रहे हैं। वहीं रायसेन जिले में बीना नदी उफान पर होने से एक दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया। कई स्कूल बसें भी गांवों तक नहीं पहुंच सकीं।

भोपाल में मकान गिरा, कई शहरों में जलभराव

भोपाल में 90 साल पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा गिरने से एक युवक घायल हो गया। वहीं रायसेन सहित कई शहरों में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। जिला शिक्षा कार्यालय, स्कूल, पंजीयन कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों के रास्ते पानी में डूब गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश

लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 41 जिलों में अब भी औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों की बारिश से स्थिति में सुधार हुआ है। अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 307.9 मिमी (12.1 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक सामान्य बारिश 347.7 मिमी होनी चाहिए थी। मौसम विभाग का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही तो वर्षा का घाटा और कम हो सकता है।

संबंधित सामग्री

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026: टूरिज्म पर फोकस, सीएम डॉ. मोहन बोले- असीम संभावनाओं का केंद्र है MP

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026: टूरिज्म पर फोकस, सीएम डॉ. मोहन बोले- असीम संभावनाओं का केंद्र है MP

भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन, पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ भव्य आयोजन

MP Travel Mart से चीता प्रोजेक्ट तक, मप्र CM डॉ मोहन यादव ने गिनाईं मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाएं

MP Travel Mart से चीता प्रोजेक्ट तक, मप्र CM डॉ मोहन यादव ने गिनाईं मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाएं

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने MP Travel Mart के माध्यम से प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने की योजना प्रस्तुत की, जिसमें चीता पुनर्स्थापना सहित विभिन्न पहलें शामिल हैं।

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का नया बसेरा, CM डॉ मोहन यादव ने नर वियोम और मादा नीरा का किया स्वागत

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का नया बसेरा, CM डॉ मोहन यादव ने नर वियोम और मादा नीरा का किया स्वागत

मध्य प्रदेश में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों के आगमन से चीता पुनर्वास परियोजना को महत्वपूर्ण विस्तार मिला। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और रोजगार में वृद्धि की उम्मीद जताई।

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े 'वियोम और नीरा,' कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े 'वियोम और नीरा,' कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को छोड़ा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह कार्यक्रम आयोजित किया।

बिहार में बाढ़ से नुकसान का होगा आकलन, CM सम्राट ने अधिकारियों को जल्द रिपोर्ट देने के दिए निर्देश

बिहार में बाढ़ से नुकसान का होगा आकलन, CM सम्राट ने अधिकारियों को जल्द रिपोर्ट देने के दिए निर्देश

बिहार में आई बाढ़ से भारी नुकसान, मुख्यमंत्री ने राहत और पुनर्वास के लिए त्वरित कार्यवाही का निर्देश दिया। नदियों में सिल्ट जमा होने को भी बाढ़ का कारण बताया गया।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर