मध्य प्रदेश में 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश के 30 जिलों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इस बार परीक्षा केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए 44 साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं।
शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी
प्रदेशभर के 283 परीक्षा केंद्रों पर करीब 1 लाख 18 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। भोपाल में 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 13 हजार 774 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
जनरेटर की व्यवस्था भी रहेगी
परीक्षा केंद्रों पर मुख्य प्रवेश द्वार और परिसर के अंदर पुलिस बल तैनात रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की नकल या तकनीकी गड़बड़ी को रोका जा सके। छात्राओं की जांच के लिए अलग फ्रिस्किंग व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में जनरेटर की व्यवस्था भी रहेगी।
बारिश से राहत मिल सके
विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक केंद्र पर डॉक्टर तैनात किए जाएंगे। यदि किसी परीक्षार्थी की तबीयत बिगड़ती है तो तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर बड़ी घड़ियां लगाई जाएंगी, वहीं अभिभावकों के लिए टेंट की व्यवस्था भी की गई है ताकि उन्हें धूप और बारिश से राहत मिल सके।
जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी गई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर परीक्षा में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। परीक्षा से 72 घंटे पहले ही विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए साइबर कमांडो 24 घंटे मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी गई है।