मध्य प्रदेश RTE योजना में खाली सीटें

MP RTE Admission: तीन चरण की लॉटरी के बाद भी 15 हजार सीटें खाली

मध्य प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए निर्धारित RTE सीटें खाली पड़ी हैं। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद लक्ष्य से पीछे।

By : नरेंद्र सिंह
MP RTE Admission: तीन चरण की लॉटरी के बाद भी 15 हजार सीटें खाली

AI

भोपाल। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने वाली शिक्षा का अधिकार (RTE) योजना मध्यप्रदेश में अपने लक्ष्य से पीछे दिखाई दे रही है। तीन चरण की ऑनलाइन लॉटरी पूरी होने के बावजूद प्रदेश के निजी स्कूलों में करीब 15 हजार सीटें अब भी खाली हैं।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सीटें आरक्षित कर देना पर्याप्त नहीं है। पात्र बच्चों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

1.22 लाख सीटें तय, फिर भी सभी बच्चों को प्रवेश नहीं

इस वर्ष प्रदेश के करीब 30 हजार निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1,22,551 सीटें निर्धारित की गई थीं। इसके लिए 2.10 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,78,714 आवेदन पात्र पाए गए।तीन चरणों की लॉटरी के बाद अधिकांश बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं।

RTE 2026-27: प्रमुख आंकड़े

विवरण

संख्या

पात्र विद्यार्थी

1,78,714

कुल आरटीई सीटें

1,22,551

स्कूल आवंटन

1,17,536

अब तक प्रवेश

लगभग 1.07 लाख

खाली सीटें

करीब 15 हजार (प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुमानित)

क्यों खाली रह रही हैं सीटें?

राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर खाली सीटें छोटे निजी स्कूलों में हैं, जहां अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश नहीं कराना चाहते। इसके अलावा कुछ परिवारों के लिए स्कूल तक पहुंचना और अन्य खर्च भी चुनौती बन रहे हैं।

क्षेत्र सीमा नियम बना बड़ी बाधा

निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि क्षेत्र सीमाबंदी (Area Restriction) के कारण कई गरीब परिवार योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर यदि कोई परिवार मूल रूप से रायसेन जिले का निवासी है, लेकिन रोजगार के लिए भोपाल में रह रहा है, तो वर्तमान नियमों के कारण वह अपने बच्चे का प्रवेश भोपाल के आरटीई स्कूल में नहीं करा सकता। ऐसे मामलों में बच्चों को मूल निवास क्षेत्र के स्कूल में ही प्रवेश लेने की पात्रता मिलती है।स्कूल संचालकों का कहना है कि प्रवासी मजदूर परिवारों के लिए यह नियम व्यावहारिक नहीं है।

20 जुलाई के बाद चौथे चरण पर फैसला

राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि तीसरे चरण में चयनित विद्यार्थियों को 20 जुलाई तक प्रवेश लेना है। इसके बाद यदि सीटें खाली रहती हैं तो चौथे चरण की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार किया जाएगा।

 

संबंधित सामग्री

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026: टूरिज्म पर फोकस, सीएम डॉ. मोहन बोले- असीम संभावनाओं का केंद्र है MP

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026: टूरिज्म पर फोकस, सीएम डॉ. मोहन बोले- असीम संभावनाओं का केंद्र है MP

भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन, पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ भव्य आयोजन

MP Travel Mart से चीता प्रोजेक्ट तक, मप्र CM डॉ मोहन यादव ने गिनाईं मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाएं

MP Travel Mart से चीता प्रोजेक्ट तक, मप्र CM डॉ मोहन यादव ने गिनाईं मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाएं

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने MP Travel Mart के माध्यम से प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने की योजना प्रस्तुत की, जिसमें चीता पुनर्स्थापना सहित विभिन्न पहलें शामिल हैं।

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का नया बसेरा, CM डॉ मोहन यादव ने नर वियोम और मादा नीरा का किया स्वागत

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का नया बसेरा, CM डॉ मोहन यादव ने नर वियोम और मादा नीरा का किया स्वागत

मध्य प्रदेश में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों के आगमन से चीता पुनर्वास परियोजना को महत्वपूर्ण विस्तार मिला। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और रोजगार में वृद्धि की उम्मीद जताई।

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े 'वियोम और नीरा,' कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े 'वियोम और नीरा,' कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को छोड़ा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह कार्यक्रम आयोजित किया।

हरियाणा को सिंगापुर से 5,500 करोड़ की सौगात, हेल्थ-एजुकेशन और वॉटर सेक्टर में बड़े निवेश

हरियाणा को सिंगापुर से 5,500 करोड़ की सौगात, हेल्थ-एजुकेशन और वॉटर सेक्टर में बड़े निवेश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सिंगापुर दौरे पर हरियाणा के लिए कई निवेश समझौते हुए, जिससे स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, शिक्षा, और कौशल विकास में वृद्धि की संभावना है।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर