Rajisthan Luteri Dulhan: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में शादी के नाम पर लाखों रुपये ठगी हुई। एक शातिर ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग जो पहले शादी करती है, फिर पैसे लेकर फरार हो जाती है, इस काम वो अकेली नहीं पूरा एक गैंग शामिल है।
सुलताना थाना पुलिस ने ठगी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए कथित दुल्हन समेत गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है मामला?
किठाना गांव के रहने वाले सत्यवीर जाट अपने बेटे अशोक की शादी न हो पाने से परेशान थे। इसी बीच उनके परिचित अशोक कुमार ने शादी कराने का भरोसा दिलाया और इसके बदले मोटी रकम मांगी। बेटे का घर बसाने की चाह में परिवार ने बिना ज्यादा जांच के आरोपी को 2 लाख 10 हजार रुपये सौंप दिए।
योजना के मुताबिक, अशोक की शादी संतोष देवी नाम की महिला से करा दी गई। शादी के बाद घर में खुशी का माहौल था, लेकिन यह खुशी महज कुछ घंटों की ही मेहमान साबित हुई।
शादी की पहली सुबह दुल्हन हुई फरार
शादी की अगली सुबह परिवार जागा तो नई दुल्हन गायब थी। न सिर्फ दुल्हन फरार हुई, बल्कि घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और 10 हजार रुपये नकद भी गायब थे। काफी खोजबीन के बाद जब दुल्हन का कोई अता-पता नहीं चला तो परिवार को ठगी का अंदाजा हुआ और उन्होंने सुलताना थाना में शिकायत दर्ज कराई।
उदयपुर में मिली लुटेरी दुल्हन
शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सबसे पहले गैंग के दो मुख्य सदस्य किशनलाल और अशोक कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद साइबर सेल और मुखबिरों की मदद से पुलिस की टीम उदयपुर के सोम क्षेत्र पहुंची और कथित दुल्हन संतोष देवी तथा उसके साथी सुंदरलाल को भी गिरफ्तार कर लिया।
गैंग कैसे करता था ठगी?
पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि, यह गिरोह बहुत ही व्यावस्थित तरीके से काम करता था। इनका निशाना मुख्य रूप से वे परिवार होते थे जिनकी शादी नहीं हो पा रही होती थी। पहले शादी का झांसा देकर लाखों रुपये ले लेते थे। फिर फर्जी दुल्हन भेजकर एक-दो दिन बाद जेवरात और नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
आरोपी गिरफ्तार
अदालत ने आरोपी संतोष देवी और सुंदरलाल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस गैंग के पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इन लोगों ने राजस्थान और अन्य राज्यों में अब तक कितने परिवारों को ठगा है।