इन अधिकारियों को नोटिस जारी
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Ujjain ashram death news[/caption]
मप्र हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए गुरुवार को मुख्य सचिव,महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव,आयुक्त, उज्जैन कलेक्टर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी एवं आश्रम अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च, 2026 को होगी. नोटिस के अलावा कोर्ट ने आश्रम की निरीक्षण रिपोर्ट को भी पेश करने के आदेश दिए हैं.
दिसम्बर 2025-जनवरी 2026 में मौतों में हुई बढ़ोत्तरी
शासकीय चरक अस्पताल के द्वारा पेश किये गए रिकॉर्ड के अनुसार दिसम्बर 2025 में 8 और जनवरी 2026 में 2 बच्चों की मौत दर्ज की गयी है. सारे मृतक बच्चों का पोस्टमॉर्टम शासकीय चरक भवन अस्पताल में थाना भैरवगढ़ पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में करवाया गया था. अस्पताल के आरएमओ डॉ चिन्मय चिंचोलेकर ने कहा कि कुछ बच्चे मृत अवस्था में लाये गए थे, जबकि कुछ की मौत इलाज के दौरान हुई थी. अधिकांश मामलों में मौत की वजह एनीमिया (खून की कमी) बताई गयी है.
आश्रम में निवासरत 250 बच्चों में से 50+ की हालत गंभीर
आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल द्वारा बताया गया कि वर्तमान में आश्रम में 250 दिव्यांग एवं निराश्रित बच्चे रह रहे हैं, जिनमे से 50 से अधिक बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है. गोयल के अनुसार अधिकांश बच्चे पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं, और कई बच्चे चलने-फिरने या स्वयं भोजन करने में भी सक्षम नहीं हैं।