मासूम की तबीयत खराब होने पर उसका हॉस्पिटल में इलाज करवाने की बजाए भोपे के पास ले जाकर डाम लगवाने की कुप्रथा आज भी जारी है। पुरानी परम्पराओं के नाम पर मासूमों को गर्म सरिए से दागा जा रहा है।
बच्ची को था निमोनिया
मामला भीलवाड़ा जिले के महात्मा गांधी जिला हॉस्पिटल से सामने आया। यहां 1 साल की बच्ची को निमोनिया की शिकायत होने पर परिजन भोपे के पास ले गए, जहां भोपे ने बच्ची के पेट पर गर्म सरिया लगा दिया। दर्द से तड़पती मासूम बच्ची की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसके 2 दिन बाद मंगलवार की सुबह मां बच्ची को लेकर जिला हॉस्पिटल पहुंची, जहां मासूम की हालत गंभीर बनी हुई हैं।
डाम के निशान
हॉस्पिटल के PMO और सीनियर डॉक्टर अरुण गौड़ ने बताया- मां 1 साल की बच्ची को लेकर हॉस्पिटल पहुंची थी। उसकी हालत गंभीर है। बच्ची के पेट पर गर्म सरिये से डाम के निशान है। जांच में पता चला कि बच्ची को निमोनिया हुआ था, लेकिन अंधविश्वास के कारण माता- पिता उसे भोपे के पास ले गए। उसने बेरहमी से बच्ची के पेट पर गर्म सरिया लगा दिया, इस कुप्रथा को आदिवासी इलाके में डाम की प्रथा कहा जाता है। बच्ची की हालत नाजुक है। उसे हॉस्पिटल के चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती किया गया। शिशु रोग विशेषज्ञ उसकी पूरी देखभाल कर रहे हैं। उम्मीद है कि बच्ची जल्द ही ठीक हो जाएगी।