मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में कुएं की खुदाई कर रहे पांच मजदूरों की मिट्टी में दबने से मौत हो गई। घटना अजयगढ़ क्षेत्र के बीहरपुरवा गांव की है, जहां विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत कुएं की खुदाई का कार्य चल रहा था। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
दो मजदूर समय रहते बाहर निकल आए
मृतकों की पहचान आशीष यादव, राजकुमार यादव, रामपाल यादव, चुन्नू यादव और चुनवाद पाल के रूप में हुई है। इनमें चार मजदूर एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुएं में सात मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गीली मिट्टी भरभराकर ढह गई और पांच मजदूर उसके नीचे दब गए। दो मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, जिससे उनकी जान बच गई।
हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सुबह हादसा होने के बावजूद करीब तीन घंटे तक कोई प्रशासनिक अधिकारी या बचाव दल मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने खुद जेसीबी मशीन की व्यवस्था कर रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी
मृतकों के परिजन राकेश यादव ने आरोप लगाया कि संबंधित कुआं पहले से ही खतरनाक स्थिति में था और सरपंच को इसकी जानकारी थी। इसके बावजूद मजदूरों को अधिक मजदूरी का लालच देकर वहां काम कराया गया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर प्रशासन और रेस्क्यू टीम पहुंच जाती तो शायद मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी।
कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ऊषा परमार मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। यह हादसा ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।