राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला में संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि CBSE स्कूलों में किताबें जल्द मिलेंगी और शिक्षकों की कमी भी पूरी की जाएगी। इस मौके पर CM ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र बताया और कहा कि समर्पण, संघर्ष और समयबद्धता ही सफलता का राज है।
स्कूल के दिनों को किया याद
CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपने स्कूल छोटा शिमला में विद्यार्थियों के साथ संवाद करने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री सुक्खु ने अपने स्कूली दिनों की यादें ताजा कीं। CM ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर बदलाव किए हैं और इनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे यहां भाषण देने नहीं बल्कि स्टूडेंट के साथ बातचीत करने आए हैं ताकि शिक्षा व्यवस्था की कमियों की पहचान कर उन्हें प्रभावी ढंग से दूर किया जा सके।
क्या बोले CM
संवाद के दौरान 7वीं कक्षा की छात्रा राधा के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि जब वह 10वीं कक्षा में थे, उस वक्त उनके स्कूल में हड़ताल हुई थी। इसके बाद वे 17 साल की आयु में कॉलेज में कक्षा प्रतिनिधि बने। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई के दौरान वह विभागीय प्रतिनिधि बने। इसके बाद वह नगर निगम शिमला में पार्षद रहे और NSUI सहित हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर भी कार्य किया। उस वक्त को याद कर उन्होंने कहा कि उनके भाई और बहन नौकरी पेशा थे इसलिए उनके माता-पिता अक्सर उन्हें राजनीति छोड़कर नौकरी करने की सलाह देते थे।