पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सोमवार को अपने परिवार के साथ पटना सिटी स्थित गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने पंजाब में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर बनाए गए विशेष कानून के सफल क्रियान्वयन की कामना की। हालांकि, गुरुद्वारे में दर्शन के बाद उनका राजनीतिक अंदाज़ भी पूरी तरह देखने को मिला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला और लोकतंत्र से लेकर महंगाई तक कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा।
सीएम मान
‘लोकतंत्र की हत्या हुई’, सात सांसदों के मुद्दे पर बोले मान
आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के बीजेपी के साथ जाने के मुद्दे पर भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर पार्टी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है। मान ने आरोप लगाया कि पंजाब में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया गया है और जनता के जनादेश का अपमान हुआ है।
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरे दलों के विधायकों और सांसदों को तोड़ने की राजनीति देशहित में नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को “सरकार गिराने और पार्टी तोड़ने” की बजाय देश के विकास और जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
‘पंजाब में वोटरों का नाम नहीं कटने देंगे’
बिहार और पश्चिम बंगाल के बाद पंजाब में SIR प्रक्रिया को लेकर भी भगवंत मान ने अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पंजाब में किसी भी सही मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से काटने की कोशिश सफल नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक के वोट का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए।
SIR
पेट्रोल-डीजल, सोना और महंगाई पर केंद्र को घेरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेट्रोल और सोने के इस्तेमाल को कम करने की अपील पर भी पंजाब CM ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पहले देश में पेट्रोल-डीजल और सोने के उपलब्ध स्टॉक की जानकारी जनता को देनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। भगवंत मान ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए, जिससे महंगाई और बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।