राजधानी भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में एम्स भोपाल की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बॉडी पर मल्टीपल चोटों के निशान की बात सामने आई है। का जिक्र हुआ है। ट्विशा के परिजन शुरुआत से हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं, मृतका की सास गिरीबाला सिंह और उनके एडवोकेट इनोश जार्ज कार्लो ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।
जांच में सहयोग करेंगे
पीएम रिपोर्ट को लेकर उनका कहना है कि रिपोर्ट केवल सेंसेशन फैलाने के इरादे से तैयार की गई है। रिपोर्ट में चोटों का जिक्र है, लेकिन कहां और कितनी चोट हैं, यह स्पष्ट नहीं किया गया। सास का कहना है कि सेकंड पीएम या किसी भी एजेंसी से जांच कराने पर उन्हें कोई एतराज नहीं है और वे जांच में सहयोग करेंगे।
वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके
इस मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जिस बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही गई थी, उसे जांच अधिकारी पोस्टमार्टम के समय एम्स भोपाल नहीं ले गए थे। बाद में बेल्ट जांच के लिए सौंपी गई, लेकिन डॉक्टर कथित फांसी के साधन और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके।
रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत की जांच विवादों में घिर गई है। पोस्टमॉर्टम में हुई चूक के बाद परिजनों ने मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की है। इसी वजह से मौत के आठ दिन बाद भी परिजन बॉडी लेने और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हैं। परिजनों का कहना है कि बेल्ट उपलब्ध नहीं होने से डॉक्टर यह तय नहीं कर सके कि फांसी किस चीज से लगाई गई थी।
पुलिस बोली- आरोपी समर्थ की तलाश में 6 टीमें जुटीं
एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने बताया कि फांसी में इस्तेमाल की गई बेल्ट जब्त कर ली गई थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम के समय उसे एम्स नहीं भेजा जा सका। आरोपी समर्थ की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित है। उसकी तलाश में 6 टीमें जुटी हैं। जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
मीडिया से बातचीत करते हुए फफक कर रो पड़ीं सास
गिरिबाला सिंह ने बताया कि बहू ट्विशा शर्मा ने स्वेच्छा से गर्भपात कराया था। इसके बाद वह अवसाद में आ गई थी। उन्होंने कहा कि वह रोज 6 से 7 घंटे कंज्यूमर फोरम में रहती हैं और बेटा समर्थ सिंह भी कोर्ट में प्रैक्टिस करता है, इसलिए बहू घर में अकेली रहती थी। उन्होंने बताया कि ट्विशा की मां रेखा से कई बार भोपाल आकर बेटी के साथ रहने की बात कही गई, लेकिन वह कभी नहीं आईं। केवल एक बार वह बेटे के साथ भोपाल आई थीं, जब ट्विशा नाराज होकर मायके चली गई थी।
शादी के महीनेभर पता चला ड्रग एडिक्ट है
गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि शादी के एक महीने के भीतर उन्हें लगा कि बहू किसी नशे की आदी है। उन्होंने कहा कि उसके हाथ कांपते थे, स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता था और वह दिल्ली जाने की जिद करती थी, क्योंकि वहां उसे आसानी से गांजा मिल जाता था। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी परिवार ने उसका साथ दिया, काउंसलिंग कराई और नशा छुड़ाने का प्रयास किया।
भाभी का आरोप- जेठानी को भी दहेज के लिए प्रताड़ित किया
ट्विशा की भाभी राशि ने बताया कि ट्विशा ने कई बार कहा था कि उसकी जेठानी को भी ससुराल में प्रताड़ित किया गया था। इसी कारण वह घर छोड़कर चली गई थी और दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। राशि के मुताबिक, ट्विशा अनवांटेड प्रेग्नेंसी के कारण गर्भपात कराना चाहती थी।