सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सख्ती, भोपाल में 25 हजार अवैध व्यावसायिक संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सख्ती, भोपाल में 25 हजार अवैध व्यावसायिक संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भोपाल नगर निगम ने आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति संचालित दुकानों, कोचिंग, हॉस्टल और अन्य व्यावसायिक संस्थानों का सर्वे शुरू किया है। प्रारंभिक जांच में 25 हजार संस्था

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सख्ती भोपाल में 25 हजार अवैध व्यावसायिक संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी

राजधानी भोपाल में आवासीय कॉलोनियों के भीतर बिना अनुमति संचालित दुकानों, कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों, गोदामों, शोरूम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भोपाल नगर निगम ने शहरभर में विशेष सर्वे अभियान शुरू किया है। प्रारंभिक सर्वे में करीब 25 हजार ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान चिन्हित किए गए हैं, जो आवासीय क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे हैं।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार अंतिम सूची तैयार होने के बाद संबंधित संस्थानों के खिलाफ सीलिंग और जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी।

जनगणना के आंकड़ों से मिली मदद

नगर निगम को चल रहे सर्वे में हालिया जनगणना से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जनगणना के दौरान कई मकानों में दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की जानकारी सामने आई थी।अधिकारियों का कहना है कि इन आंकड़ों को सर्वे के आधार के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जिससे अवैध गतिविधियों की पहचान करने में आसानी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं सख्त निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के शहरी निकायों को आवासीय क्षेत्रों में हो रहे अवैध व्यावसायिक उपयोग पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।अदालत ने स्पष्ट कहा है कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं होगा। जहां भूमि उपयोग (लैंड यूज) नियमों का उल्लंघन पाया जाए, वहां आवश्यक होने पर सीलिंग और हटाने जैसी कार्रवाई भी की जाए।सुप्रीम कोर्ट के अनुसार रिहायशी क्षेत्रों का व्यावसायिक उपयोग नागरिकों के शांतिपूर्ण और सुरक्षित जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।

नगर निगम के अनुसार आवासीय परिसरों में सीमित स्तर पर कुछ पेशेवर गतिविधियों की अनुमति दी गई है।

इनमें शामिल हैं

  • डॉक्टर

  • वकील

  • चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)

  • आर्किटेक्ट

  • छोटे स्तर पर प्रोफेशनल कार्यालय

नियमों के अनुसार ऐसे पेशेवर अपने आवासीय परिसर के अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्से का उपयोग कार्यस्थल के रूप में कर सकते हैं।इसके अलावा आवासीय भवनों में संचालित दुकानें, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल, लाइब्रेरी, सुपरमार्केट, गोदाम या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां अवैध मानी जाती हैं, यदि उनके लिए वैध अनुमति या लैंड यूज परिवर्तन स्वीकृत नहीं है।

इन इलाकों में मिले सबसे ज्यादा मामले

  • करोंद

  • नारियल खेड़ा

  • कोहेफिजा

  • अशोका गार्डन

  • दिलबागकुशा

  • जहांगीराबाद

  • जिंसी

  • एमपी नगर के आवासीय क्षेत्र

  • अवधपुरी

  • नेहरू नगर

  • पटेल नगर

  • भेल टाउनशिप

  • अन्य बड़ी आवासीय कॉलोनियां

अधिकारियों के अनुसार लगभग 150 से अधिक बड़े आवासीय क्षेत्रों में इस प्रकार के मामले सामने आए हैं।

अदालत में पेश होगी कार्रवाई रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और स्थानीय निकायों को अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और लैंड यूज उल्लंघन के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।इसी के तहत भोपाल नगर निगम सर्वे रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बाद कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा।

पूरे प्रदेश में चलेगा अभियान

भोपाल ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में भी आवासीय क्षेत्रों में संचालित अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की पहचान के लिए सर्वे शुरू किया गया है। राज्य स्तर पर यह अभियान भूमि उपयोग नियमों के पालन और शहरी नियोजन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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