मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री भले ही अभी नहीं हुई हो, लेकिन मौसम ने पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जून माह के शुरुआती दिनों में ही प्रदेश में सामान्य से 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। आंकड़ों के अनुसार, पूरे प्रदेश में औसतन आधा इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का औसत केवल 8.3 मिमी होता है।
2 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई है
राजधानी भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर जैसे जिलों में करीब 2 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं नीमच जिले में सबसे ज्यादा ढाई इंच तक पानी गिर चुका है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
16 जून को प्रदेश में पहुंचा
इस बीच रविवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है। पिछले वर्ष मानसून एक दिन की देरी से 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था।
बारिश का अलर्ट जारी किया
मानसून आने से पहले प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। रविवार को देवास, सीहोर सहित कई क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने सोमवार को भी ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी समेत कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार सतना, सीधी, आगर-मालवा, भोपाल, बुरहानपुर, हरदा, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर और श्योपुर में एक इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं और अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है।