भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मिस्ट्री में कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से कोर्ट में तीन नए आवेदन पेश किए गए हैं। इन आवेदनों के बाद अब जांच का केंद्र कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और बैंक लेनदेन जैसे डिजिटल साक्ष्य बन गए हैं। मामले में हर नई जानकारी के साथ लोगों की दिलचस्पी और बढ़ती जा रही है।
ट्विशा पक्ष ने कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी सुरक्षित रखने की मांग की
ट्विशा शर्मा के वकील ने कोर्ट में आवेदन देकर मांग की है कि 12 मई से 20 मई के बीच आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सुरक्षित रखे जाएं और उनकी जांच कराई जाए। इसके अलावा, एम्स भोपाल में पोस्टमार्टम के दौरान की सीसीटीवी फुटेज को भी सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया है। परिवार का मानना है कि ये साक्ष्य मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आरोपी पक्ष ने परिवार के कॉल रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट मांगे
दूसरी ओर, गिरिबाला सिंह के वकील ने कोर्ट में दो अलग-अलग आवेदन पेश किए हैं। इन आवेदनों में ट्विशा शर्मा के परिजनों के कॉल रिकॉर्ड निकलवाने और उनके बैंक खातों के स्टेटमेंट की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही ट्विशा की ट्यूशन से जुड़ी आय और वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी सामने लाने की बात कही गई है।
7 लाख रुपये के लेनदेन पर केंद्रित हुई बहस
मामले में एक बड़ा मुद्दा कथित 7 लाख रुपये के लेनदेन का भी है। गिरिबाला सिंह का दावा है कि उन्होंने ट्विशा शर्मा के खाते में यह राशि ट्रांसफर की थी। अब इस दावे की पुष्टि और पैसों के वास्तविक लेनदेन की जांच के लिए बैंक रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं। कोर्ट में दाखिल नए आवेदनों के बाद यह मामला अब डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। सभी की नजरें अब कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं।