मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 955.40 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आजमगढ़ ऋषि-मुनियों की तपोभूमि, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कर्मभूमि और हस्तशिल्प, कृषि और संस्कृति की समृद्ध विरासत वाला जनपद है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के कारण इसकी पहचान प्रभावित हुई थी।
आजमगढ़ को नई पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले आजमगढ़ विकास के कई महत्वपूर्ण आयामों से वंचित था। न यहां विश्वविद्यालय था, न पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, न एयरपोर्ट की बेहतर सुविधा और न ही स्थानीय कला एवं शिल्प को उचित मंच मिल पा रहा था। आज BJP सरकार के प्रयासों से आजमगढ़ की साड़ी, मुबारकपुर की ब्लैक पॉटरी, हरिहरपुर की संगीत परंपरा और किसानों-कारीगरों को नई पहचान मिल रही है।
हस्तशिल्प को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि प्रदेश में BJP और NDA सरकार बनने के बाद स्थानीय उद्योगों और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिला है, जिससे कारीगरों और व्यापारियों की आय में वृद्धि हुई है। सरकार बिना भेदभाव के गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए काम कर रही है। हर गरीब को आवास, शौचालय, बिजली और सुरक्षा उपलब्ध कराने का अभियान चलाया गया।
विपक्ष पर निशाना
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन दलों ने सालों तक प्रदेश पर शासन किया, वे विकास, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित कार्य नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा भारत आज विश्व मंच पर नई पहचान बना रहा है। CM योगी ने जनता से विकास की गति को बनाए रखने के लिए डबल इंजन सरकार का साथ देने की अपील की।