पंजाब के जालंधर में एक महिला डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया है। डॉक्टर का शव बुधवार को उनके घर में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने उनके अलग रह रहे पति पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, विवाहेतर संबंध तथा वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉ मीनाक्षी
घर के भीतर फंदे से लटका मिला शव
मृतका की पहचान डॉ. मीनाक्षी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से अपने पति डॉ. पीयूष से अलग रह रही थीं। बुधवार को जब उनके घर का कोई जवाब नहीं मिला, तो पुलिस मौके पर पहुंची। घर के सभी दरवाजे अंदर से बंद थे, जिसके बाद पुलिस ने खिड़की का शीशा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर डॉ. मीनाक्षी का शव फंदे से लटका मिला।
इस घटना से शहर का चिकित्सा समुदाय भी स्तब्ध है और मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
विवाहेतर संबंध के खुलासे के बाद बढ़ा विवाद
परिजनों का आरोप है कि डॉ. मीनाक्षी को वर्षों तक पति की ओर से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। डॉ. पीयूष जालंधर स्थित एक निजी नेत्र अस्पताल के संचालक बताए जा रहे हैं।
परिवार के अनुसार, वर्ष 2018 में दोनों का विवाह हुआ था। बाद में डॉ. मीनाक्षी को कथित रूप से अपने पति और अस्पताल में कार्यरत एक नर्स के बीच संबंधों की जानकारी मिली। आरोप है कि इस बात का पता चलने के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया और डॉ. मीनाक्षी को लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।
जुलाई 2025 से रह रही थीं अलग
मृतका के परिजनों ने बताया कि लगातार तनाव और उत्पीड़न से परेशान होकर डॉ. मीनाक्षी जुलाई 2025 में पति से अलग हो गई थीं। वह कानूनी कार्रवाई और तलाक की संभावना पर भी विचार कर रही थीं। बताया जा रहा है कि वह स्वतंत्र रूप से नया जीवन शुरू करने के लिए इस महीने एक मकान खरीदने की योजना बना रही थीं।
2.5 करोड़ रुपये के लोन का भी आरोप

मामले में एक नया मोड़ तब आया जब परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉ. मीनाक्षी को हाल ही में पता चला था कि उनके नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया है। यह जानकारी उन्हें तब मिली जब वह मकान खरीदने के सिलसिले में बैंक गई थीं।
परिवार का दावा है कि इस ऋण में वाहन और अस्पताल से जुड़े वित्तीय लेन-देन भी शामिल थे। उनका आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों पर डॉ. मीनाक्षी के हस्ताक्षर नहीं थे और ऋण उनकी जानकारी के बिना लिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
परिजनों ने मौत को लेकर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या का मामला है या किसी अन्य परिस्थिति में मौत हुई है।
वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल डॉ. पीयूष से पूछताछ नहीं हो सकी है और उनका मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा है।