बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा दायर जमानत निरस्तीकरण याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में कोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
जमानत रद्द करने की मांग
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द करने की मांग की है। सरकार का तर्क है कि मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है, इसलिए आरोपी को दी गई जमानत पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। सरकार का मानना है कि आरोपी के बाहर रहने से जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
जमानत को बरकरार रखने की मांग
वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष ने अदालत में जमानत को बरकरार रखने की मांग की। बचाव पक्ष का कहना है कि जमानत कानून के अनुसार दी गई है और इसे निरस्त करने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
इस बीच राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने भी मामले में गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि सोनम रघुवंशी जमानत पर बाहर रहती है तो उसके नेपाल भागने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विपिन ने अदालत से जमानत रद्द करने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि न्याय सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष सुनवाई के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है।
राजा रघुवंशी हत्याकांड पहले से ही देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले से जुड़े हर घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है। अब हाईकोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि सोनम रघुवंशी को मिली जमानत बरकरार रहेगी या फिर उसके खिलाफ कानूनी शिकंजा और मजबूत होगा।