Sonam Raghuvanshi Murder Case: खबर इंदौर से है जहां सोनम रघुवंशी द्वारा अपने पति की कथित हत्या के मामले ने पूरे देश में आक्रोश फैला दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को "इंदौर पर कलंक" बताया और इसे समाज में गिरते नैतिक मूल्यों से जोड़ा।
बिना संस्कार के बच्चे, दैत्य बन जाते हैं – विजयवर्गीय
बतादें की कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से दिए अपने भाषण में कहा कि यदि बच्चों को बचपन से नैतिक शिक्षा और अच्छे संस्कार नहीं मिलते, तो वे पाशविक प्रवृत्ति के हो जाते हैं। उन्होंने सोनम के कृत्य को इसी का उदाहरण बताते हुए कहा, बिना संस्कार के बच्चे सोनम बन जाते हैं। उसने इंदौर को कलंकित कर दिया।
'शिक्षा के साथ संस्कार ज़रूरी'
मंत्री ने इस घटना को समाज में बढ़ रही केवल डिग्री-आधारित शिक्षा पर भी प्रहार बताया। उन्होंने कहा, एक रोटी कम खाएं, पर बच्चों को अच्छे संस्कार दें। अगर केवल शिक्षा दे दी और संस्कार नहीं दिए, तो वे इंसान नहीं, जानवर बन जाते हैं।
'जिसके अंदर ममता नहीं, वह महिला नहीं,पूतना है'
विजयवर्गीय ने इस प्रकरण की तुलना पौराणिक पात्र ‘पूतना’ से करते हुए कहा कि जिस महिला के अंदर ममता, करुणा और शर्म न हो, वह महिला कहलाने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा, “पूतना भी श्रीकृष्ण को मारने के लिए विषपान करा रही थी — उसमें ममता नहीं थी, ठीक उसी तरह ऐसे कृत्य करने वाली महिलाओं में भी करुणा नहीं होती।”
"नशा बना अपराध का कारण"
मंत्री ने यह भी बताया कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे नशे की भूमिका भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सोनम के साथ जुड़े युवक नशे की हालत में थे और नशे की लत ने उन्हें इस हद तक गिरा दिया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील करते हुए इसे एक सामाजिक चुनौती बताया।
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