छत्तीसगढ़ में अधिवक्ताओं की सुरक्षा और कल्याण को लेकर लंबे समय से उठ रही मांग अब पूरी होती दिखाई दे रही है। छत्तीसगढ़ राज्य अधिवक्ता परिषद के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से मुलाकात कर 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट (अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम) जल्द लागू करने का आश्वासन दिया।
36 हजार अधिवक्ताओं के हितों का मुद्दा उठा
राज्य अधिवक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदेश के करीब 36 हजार अधिवक्ताओं की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दे रखे। परिषद ने कहा कि न्यायिक कार्यों के दौरान अधिवक्ताओं को कई तरह के जोखिम और दबाव का सामना करना पड़ता है, ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाया जाना आवश्यक है।
पहले से तैयार है विधेयक का प्रारूप
परिषद ने बताया कि ‘छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण विधेयक-2020’ का ड्राफ्ट पहले ही तैयार किया जा चुका है। इसके कई महत्वपूर्ण प्रावधानों को 2 मार्च 2026 को विधि एवं विधायी कार्य मंत्री Gajendra Yadav की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंजूरी भी मिल चुकी है।अब परिषद ने सरकार से आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक पेश कर उसे पारित कराने का आग्रह किया है।
कर्नाटक और तेलंगाना की तर्ज पर कानून की मांग
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कर्नाटका और तेलंगाना जैसे राज्यों में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए विशेष कानून लागू हैं। इसी तरह छत्तीसगढ़ में भी अधिवक्ताओं को कानूनी संरक्षण दिया जाना चाहिए ताकि वे बिना किसी दबाव के न्यायिक कार्य कर सकें।
मृतक अधिवक्ताओं के परिवारों के लिए सहायता बढ़ाने की मांग
बैठक में अधिवक्ता कल्याण से जुड़े आर्थिक मुद्दे भी उठाए गए। परिषद ने मृतक अधिवक्ताओं के आश्रितों को मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने की मांग की। वर्तमान में: अधिवक्ता कल्याण निधि से 1.50 लाख रुपए, मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना से 1.50 लाख रुपए यानी कुल 3 लाख रुपए की सहायता दी जाती है।
कुल सहायता राशि 5 लाख रुपए करने का प्रस्ताव
परिषद ने प्रस्ताव दिया कि दोनों मदों में 1-1 लाख रुपए की वृद्धि की जाए। इसके बाद: अधिवक्ता कल्याण निधि से 2.50 लाख रुपए, मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना से 2.50 लाख रुपए, मिलाकर कुल 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मृतक अधिवक्ताओं के परिवारों को उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री बोले- सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को सुचारू और निष्पक्ष बनाए रखने में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इस दिशा में जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।