मध्यप्रदेश सरकार कड़े निर्देश

मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं को सख्त नसीहत, ‘सरकारी कामकाज से रखें परिजनों को दूर, वरना नहीं किया जाएगा बर्दाश्त’

मध्यप्रदेश में मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं के कामकाज की सख्ती से निगरानी की जाएगी, परिवार के सदस्यों का दखल बर्दाश्त नहीं।

मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं को सख्त नसीहत, ‘सरकारी कामकाज से रखें परिजनों को दूर, वरना नहीं किया जाएगा बर्दाश्त’

मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों सख्ती का नया दौर देखने को मिल रहा है। निगम, मंडल, बोर्ड, प्राधिकरण और आयोगों में नियुक्त मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं को लेकर सरकार और संगठन ने कड़ा रुख अपना लिया है। हाल ही में हुई एक अहम बैठक में इन नेताओं को साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि वे अपने शासकीय कार्यों में परिजनों को किसी भी तरह से शामिल न करें। स्पष्ट कर दिया गया है कि सरकारी कामकाज में परिवार के सदस्यों का हस्तक्षेप अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अधिक बारीकी से नजर रखने की तैयारी में है

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। बैठक के बाद यह साफ संदेश दिया गया है कि केवल पद प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता के बीच व्यवहार और कार्यशैली ही भविष्य तय करेगी। सरकार अब नेताओं के कामकाज पर अधिक बारीकी से नजर रखने की तैयारी में है।

समानांतर रूप से इसकी समीक्षा की जाएगी

इस दिशा में एक नई व्यवस्था भी लागू की जा रही है, जिसके तहत मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं के कार्यों और व्यवहार की नियमित रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें उनके रूटीन कामकाज के साथ-साथ जनता और कार्यकर्ताओं के प्रति उनके व्यवहार का भी मूल्यांकन किया जाएगा। खास बात यह है कि यह रिपोर्टिंग केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संगठन स्तर पर भी समानांतर रूप से इसकी समीक्षा की जाएगी।

व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई गई

बैठक में नेताओं के जिलों के दौरों और वहां रुकने की व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई गई। कई मामलों में यह पाया गया कि दौरे केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल कागजी दौरे न करें, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय रहें।

सरकार ने यह भी तय किया है कि मंत्री और नेता अपने दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जाएं और रात्रि विश्राम भी गांवों में ही करें। इससे उन्हें स्थानीय समस्याओं को नजदीक से समझने का मौका मिलेगा और समाधान भी अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

सरकार के इस सख्त रुख के पीछे मुख्य उद्देश्य जमीनी पकड़ को मजबूत करना और जनहित में काम की गुणवत्ता को सुधारना है। माना जा रहा है कि इस कदम से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार आएगा, बल्कि जनता के बीच सरकार की छवि भी और बेहतर बनेगी।

संबंधित सामग्री

हिमाचल की गोल्डन गर्ल्स को बड़ा सम्मान, CM सुक्खू ने किया 1-1 करोड़ रुपये देने का ऐलान

हिमाचल की गोल्डन गर्ल्स को बड़ा सम्मान, CM सुक्खू ने किया 1-1 करोड़ रुपये देने का ऐलान

हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। मुख्यमंत्री सुक्खू ने उन्हें एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी की पेशकश की।

देहरादून में 332 नव नियुक्त कर्मियों को मिले नियुक्ति पत्र, CM धामी ने कहा- सेवाभाव और समर्पण से करें काम

देहरादून में 332 नव नियुक्त कर्मियों को मिले नियुक्ति पत्र, CM धामी ने कहा- सेवाभाव और समर्पण से करें काम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में 332 नव नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए, जनसेवा के लिए संकल्पित करते हुए उन्हें प्रेरित किया।

हरियाणा में गांव-गांव पहुंचेगी सरकार, प्राकृतिक खेती से लेकर सौर ऊर्जा और स्किल डेवलपमेंट पर जोर

हरियाणा में गांव-गांव पहुंचेगी सरकार, प्राकृतिक खेती से लेकर सौर ऊर्जा और स्किल डेवलपमेंट पर जोर

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद राज्य की आगामी प्राथमिकताओं पर जानकारी साझा की।

सीएम डॉ. मोहन ने खंडवा के लिए खोला खुशियों का पिटारा, 142.90 करोड़ से चारों ओर होगा डेवलपमेंट

सीएम डॉ. मोहन ने खंडवा के लिए खोला खुशियों का पिटारा, 142.90 करोड़ से चारों ओर होगा डेवलपमेंट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले में कई विकास कार्यों की घोषणा की, जिसमें छात्रावास, ई-लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स शामिल हैं।

बिहार में कैलाशपति मिश्र की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा

बिहार में कैलाशपति मिश्र की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा

बिहार सरकार ने घोषणा की है कि कैलाशपति मिश्र की जयंती अगले साल से राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य उनके योगदान को सम्मानित करना है।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर