हैदराबाद के पॉश गाचीबौली इलाके में स्थित एक लग्जरी विला में हुई करोड़ों रुपये की ज्वेलरी चोरी के मामले में साइबराबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय अभियान चलाकर उत्तर प्रदेश से तीन नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर उस विला से कीमती आभूषण और चांदी के सामान चोरी करने का आरोप है, जहां वे घरेलू सहायकों के रूप में कार्यरत थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमल शाही, उसकी पत्नी विमल शाही और उनकी सहयोगी कल्पना के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से पकड़ा गया। उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ के लिए ट्रांजिट रिमांड पर हैदराबाद लाया जाएगा।
प्रतीकात्मक तस्वीर
चरणबद्ध तरीके से सामने आया चोरी का मामला
पुलिस जांच के मुताबिक, चोरी की जानकारी सबसे पहले 7 जून को सामने आई, जब विला के बुजुर्ग मालिक दंपती अपने घर लौटे। उन्होंने देखा कि घर में रखी एक छोटी मूर्ति पर चढ़ी सोने की चेन गायब है। संदेह होने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
अगले दिन मामला और गंभीर हो गया, जब दंपती के बेटे ने घर में रखा लॉकर खोला। जांच के दौरान पता चला कि लगभग 1.5 किलोग्राम चांदी के आभूषण भी गायब हैं। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
तीन राज्यों में चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने छह विशेष टीमों का गठन किया। इनमें अपराध शाखा और स्पेशल ऑपरेशन टीम (एसओटी) के अधिकारी भी शामिल थे। टीमों को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार भेजा गया तथा आरोपियों की तस्वीरें विभिन्न पुलिस इकाइयों के साथ साझा की गईं।
9 जून को गाचीबौली के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर नरेश और उनकी टीम ने रामपुर जिले के उधमपुर क्षेत्र में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि चोरी किए गए सभी आभूषण और कीमती सामान आरोपियों के कब्जे से बरामद कर लिए गए हैं।
लॉकर की चाबी का उठाया फायदा
प्रतीकात्मक तस्वीर
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें लॉकर के पास रखी चाबी मिल गई थी। इसी चाबी का उपयोग कर उन्होंने लॉकर खोलकर आभूषण चुरा लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने लॉकर को दोबारा बंद कर दिया और पहचान छिपाने के लिए चाबी भी अपने साथ ले गए।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की योजना कब और कैसे बनाई गई थी तथा क्या इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।