Filmmaker Bharathiraja Passed Away: तमिल इंडस्ट्री के मशहूर डायरेक्टर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में चेन्नई में निधन हो गया। न्यूज एजेंसी के अनुसार, उम्र संबंधी बीमारियों की वजह से 8 जून को उनका निधन हो गया।
दिसंबर में किया गया था भर्ती
दिसंबर 2025 में सांस लेने की तकलीफ की वजह से भारतीराजा को चेन्नई के टी नगर स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी भी दे दी गई थी। उसके बाद हाल हि में फिर उनकी तबियत खराब हो गई।

अवॉर्ड्स और सम्मान
भारतीराजा को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई सम्मान प्राप्त थे। उन्होंने 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 4 साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, 6 तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार, 1 नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें वर्ष 2004 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था। उन्हें तमिल सिनेमा में उनके योगदान के लिए ‘इयक्कुनर इमयम’ की उपाधि भी दी गई थी।
एक्टर का फिल्मी सफर
भारतीराजा ने वर्ष 1977 में फिल्म ‘16 वयाथिनिले’ से निर्देशन की शुरुआत की। 4 दशक से अधिक के करियर में उन्होंने 40 से ज्यादा फिल्मों को डायरेक्ट किया गया है। उनकी कुछ प्रमुख फिल्में किझाके पोगुम रेल, सिगप्पु रोजक्कल, अलैगल ओइवथिल्लई, काधल ओवियम, मुधल मरियाथाई आदि।
उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी काम किया। उनकी निर्देशित हिंदी फिल्मों में ‘सोलवा सावन’ (1979), ‘रेड रोज’ (1980) (राजेश खन्ना और पूनम ढिल्लो मुख्य भूमिका में) और ‘सवेरे वाली गाड़ी’ (1986) शामिल हैं। उन्होंने आखिरी फिल्म ‘मींडम ओरु मारियाथाई’ को डायरेक्ट किया था, जो कि 2020 में रिलीज हुई थी।

डायरेक्टर के साथ एक्टर भी थे भारतीराजा
डायरेक्टर के अलावा वो एक्टर भी थी, उन्होंने कई फिल्मों में एक्टिंग भी की। इसमें से खुछ फिल्मों ‘थुडारुम’, ‘आयुध एझुथु’, ‘पांडियनाडु’, ‘ईस्वरन’, ‘थिरुचित्रम्बलम’ और ‘महाराजा’ जैसी फिल्मों में वे नजर आए। उन्होंने आखिरी बार फिल्म ‘पुलवर’ एक्टर के रुप में काम किया था। लेकिन वो फिल्म रिलीज नहीं हुई।