मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में बाढ़ से बने हालात की जानकारी ली और प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता और सरकार इस कठिन समय में असम के लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर उत्तराखंड सरकार हर संभव सहायता के लिए तैयार है।
लंबी और वैज्ञानिक योजना तैयार
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कामना की कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल्द हालात सामान्य हों और सभी लोग सुरक्षित रहें। इससे पहले रविवार को असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की थी कि प्रदेश सरकार नदी किनारे होने वाले लगातार कटाव की समस्या से निपटने के लिए एक लंबी और वैज्ञानिक योजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि इस काम में IIT गुवाहाटी के विशेषज्ञों की तकनीकी सहायता ली जाएगी, ताकि दिक्कत का स्थायी समाधान खोजा जा सके।
बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएँ सुनीं और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) August 3, 2026
आज ही 75,000 परिवारों को ₹15,000 प्रति परिवार के हिसाब से Interim Assistance DBT के माध्यम से भेजी गई। इस कठिन समय में हमारी सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।#AssamFloodResponse pic.twitter.com/XLcovnjG4u
प्रभावित इलाकों का निरीक्षण
4 दिन के ऊपरी असम दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा डिब्रूगढ़ जिले के पुखुरीजान क्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने कटाव से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत कर जमीनी स्थिति को समझने की कोशिश की। दौरे के दौरान लोगों ने कटाव से जुड़ी अपनी समस्याएं CM के सामने रखीं। असम के कई हिस्सों में बाढ़ का असर अभी भी बना हुआ है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 5 जिले फिलहाल बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और धेमाजी शामिल हैं। बाढ़ का असर 21 राजस्व मंडलों और 335 गांवों तक पहुंच गया है।