भोपाल एम्स में इलाज करा रहे 3 साल के कैंसर पीड़ित बच्चे की अस्पताल स्टाफ की गंभीर लापरवाही से मौत हो गई। जांच में सामने आया है कि बच्चे को दवा की जगह गलती से फॉर्मेलिन इंजेक्ट कर दिया था। फॉर्मेलिन एक खतरनाक रसायन है, जिसका इस्तेमाल मेडिकल संस्थानों में बायोप्सी सैंपल और शवों के संरक्षण के लिए किया जाता है।
ब्लड कैंसर से पीड़ित था बच्चा
इंजेक्शन लगाते वक्त बच्चे के पिता ने तीन बार नर्स को चेतावनी दी थी कि सिरिंज में सही दवा नहीं है, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। मामले में 2 नर्सिंग ऑफिसर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। बता दे सागर जिले के बीना तहसील के ग्राम कौरजा निवासी सार्थक यादव (3) ब्लड कैंसर से पीड़ित था। उसे 15 दिसंबर 2025 को गंभीर हालत में AIIMS भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था।
बच्चे की मौत
जांच के अनुसार, बायोप्सी के सैंपल सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाला रसायन फॉर्मेलिन एक सिरिंज में भरकर वार्ड में रखा गया था। ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग ऑफिसर अनुका गुजराती ने इसे सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय मरीज के बेड के पास छोड़ दिया, जो हॉस्पिटर प्रोटोकॉल के खिलाफ था। फॉर्मेलिन शरीर में पहुंचते ही बच्चे की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। उसे तत्काल PICU में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों ने CPR समेत तमाम प्रयास किए, लेकिन सुबह 8:45 बजे उसकी मौत हो गई।