छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत निमधा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बेहद सादगीपूर्ण और जमीनी अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री अचानक गांव पहुंचे और एक आम के पेड़ के नीचे ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याओं और जरूरतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य जनता तक सीधे पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि “सुशासन तिहार” अभियान के माध्यम से लोगों के बीच जाकर उनकी शिकायतों का निराकरण करना उन्हें बेहद संतोष और खुशी देता है। ग्रामीणों ने भी मुख्यमंत्री के इस सहज और आत्मीय व्यवहार की सराहना की।
विकास कार्यों की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री साय ने निमधा गांव के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने क्षेत्र में एक नए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना, युवाओं के लिए मिनी स्टेडियम और सर्व समाज के लिए एक भव्य मंगल भवन बनाने की घोषणा की। इन घोषणाओं से क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है।
राजस्व निरीक्षक के कार्यों की होगी जांच
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने मरवाही के राजस्व निरीक्षक (आरआई) के कार्यों को लेकर शिकायतें भी दर्ज कराईं। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बस्तर का उल्लेख करते हुए उसे “धरती का स्वर्ग” बताया और कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना के तहत लोगों को सब्सिडी उपलब्ध कराएगी। इस अवसर पर मरवाही विधायक Pranav Marpachi सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।