छत्तीसगढ़ में 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने छात्रों से पूरे उत्साह, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ नए सत्र का स्वागत करने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान किया है।
किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते..
मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सपनों को साकार करने और उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का स्थान भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन में सफलता प्राप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है और विद्यार्थी अपने परिश्रम, लगन तथा समर्पण के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय जाने, शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ लेने और पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को भी जीवन में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज की मेहनत और शिक्षा ही कल के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगी। इसलिए प्रत्येक छात्र-छात्रा को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास और अच्छे संस्कार भी सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं। शिक्षा प्राप्त कर युवा न केवल अपने परिवार बल्कि समाज, प्रदेश और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर भविष्य में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।
उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही विकास और समृद्धि का सबसे मजबूत आधार है तथा यही राष्ट्र निर्माण की दिशा में सबसे बड़ा योगदान है।