हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और राज्य में बढ़ती नशे की समस्या के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाने का आह्वान किया। सोमवार को शिमला के ऐतिहासिक पीटरहॉफ होटल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रधानों और उप-प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि गांवों का विकास ही प्रदेश की समृद्धि का आधार है।
हिमाचल CM सुक्खू
समारोह में राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिमला जिले की 441 पंचायतों के प्रधानों और उप-प्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पंचायतों के विकास से आगे बढ़ेगा हिमाचल
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका पांच वर्ष का कार्यकाल उनकी पंचायतों के लिए स्वर्णिम काल साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की करीब 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। ऐसे में पंचायतों की प्रगति सीधे तौर पर राज्य के समग्र विकास से जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर विकास योजनाओं को लागू करने, लोगों की समस्याओं का समाधान करने और ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और स्थानीय प्रशासन को मजबूत बनाने का आग्रह किया।
चिट्टा और नशे के खिलाफ लड़ाई का आह्वान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश में बढ़ रही नशीले पदार्थों की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विशेष रूप से हेरोइन, जिसे स्थानीय स्तर पर "चिट्टा" कहा जाता है, के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने और समाज को नशामुक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की।
सुक्खू ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज और पंचायतों की भी साझा जिम्मेदारी है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
शिक्षा मंत्री ने भी दी शुभकामनाएं
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाएं हिमाचल के विकास ढांचे की रीढ़ हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नए प्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए ग्रामीण विकास को नई गति देंगे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर
कार्यक्रम के दौरान कई पंचायत प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के विकास को लेकर प्राथमिकताओं और योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी प्रतिनिधि जनसेवा और विकास के प्रति समर्पित होकर कार्य करेंगे।