CG Garaband Couple Murder: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक बार फिर परिवारिक रंजिश ने खौफनाक रूप ले लिया। अपने ही चाचा-चाची को डंडों से पीट-पीटकर मार डालने के बाद शवों को बोरी में भरकर श्मशान घाट में दफना दिया गया। पुलिस ने घटना के 5 दिन बाद शव बरामद कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हत्या की वजह बनी पारिवारिक अनबन
गरीबा गांव निवासी राजाराम नेताम (45) और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम (40) खेती-किसानी करते थे। परिवार में कुल 7 भाई थे और सभी एक ही जगह रहते थे। राजाराम नेताम का उनके भाइयों से लंबे समय से झगड़ा चल रहा था। छोटी-छोटी बातों पर रोज विवाद होता रहता था।

6 जून को हुई हत्या
6 जून को किसी बात को लेकर फिर से झगड़ा हो गया। इसी दौरान भाई लखीराम नेताम और भतीजे रघुराम नेताम तथा नकुल राम नेताम ने मिलकर राजाराम नेताम और आशो बाई को डंडों से बुरी तरह पीट-पीटकर हत्या कर दी।
सबूत मिटाने के लिए शव श्मशान में दफनाए
हत्या के बाद आरोपियों ने रात के अंधेरे में दोनों शवों को बोरी में भरकर गांव के श्मशान घाट में चुपचाप दफना दिया ताकि किसी को घटना की भनक न लगे।

इस तरह हुआ खुलासा
11 जून को गांव में एक व्यक्ति की मौत हो गई। अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे ग्रामीणों ने वहां दो ताजा दफनाई गई कब्रें देखीं। चूंकि हाल के दिनों में गांव में कोई अन्य मौत नहीं हुई थी, इसलिए ग्रामीणों को शक हुआ।
इसी दौरान एक आरोपी भतीजे ने सरपंच को पूरी सच्चाई बता दी। सरपंच की सूचना पर शोभा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फिर थाना प्रभारी पवन वर्मा की टीम ने कब्रें खुदवाकर दोनों शव बरामद किए।
पुलिस कर रही जांच
शवों की पहचान राजाराम नेताम और आशो बाई नेताम के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों आरोपियों — लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम (32 से 36 वर्ष) — को गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर फॉरेंसिक लैब रायपुर भेज दिया गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद हत्या के और कारण सामने आ सकते हैं।