हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में निर्माणाधीन जिला परिषद भवन में कथित तकनीकी खामियां सामने आने के बाद सख्त रुख अपनाते हुए पंचायती राज विभाग के दो कार्यकारी अभियंताओं (XEN) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई को सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति के तौर पर देखा जा रहा है।
करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही पांच मंजिला जिला परिषद इमारत के निर्माण कार्य में अनियमितताओं की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए गए।
प्रतीकात्मक तस्वीर
तस्वीरों ने खोली निर्माण की पोल
सूत्रों के अनुसार, पंचायती राज विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग ने निर्माणाधीन भवन के कुछ पिलरों में तकनीकी खामियों से जुड़ी तस्वीरें मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी थीं। इन तस्वीरों में कुछ पिलर टेढ़े दिखाई दे रहे थे, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तत्काल संज्ञान लिया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
वर्तमान और पूर्व XEN पर गिरी गाज
हरियाणा सीएम सैनी
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पंचायती राज विभाग के तत्कालीन XEN परमिंद्र सिंह तथा वर्तमान में करनाल में तैनात XEN नारायण दत्त शर्मा को निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी नारायण दत्त शर्मा के पास थी।
जांच के लिए गठित हुई विशेष टीम
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने विभाग के चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की है। शुक्रवार को चंडीगढ़ मुख्यालय से पहुंची जांच टीम ने मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य का विस्तृत जायजा लिया।
निर्माण कंपनी पर भी हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर भवन निर्माण से जुड़ी कंपनी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि इस बहुमंजिला भवन का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा होना प्रस्तावित है, लेकिन निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता संबंधी सवाल उठने से परियोजना चर्चा में आ गई है।
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक धन से बनने वाली परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।