PM नरेंद्र मोदी ने इजरायल-ईरान युद्ध के कारण बने वैश्विक हालात को देखते हुए पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने की अपील की थी। इसी अपील के बाद बुधवार को मंत्रालय की बैठक में मंत्री गौतम टेटवाल और नारायण सिंह पवार ई-रिक्शा से पहुंचे। हालांकि कई नेता अब भी कार से पहुंच रहे है।
ई-स्कूटी से मंत्रालय पहुंचे मंत्री
बते दे पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर दिखाते हुए प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपनी लग्जरी गाड़ी छोड़ दी और ई-स्कूटी से मंत्रालय पहुंचे। CM हाउस में सत्ता और संगठन की वन-टू-वन मीटिंग में शामिल होने भी वे ई-स्कूटी से ही पहुंचे थे। वहीं तकनीकी शिक्षा मंत्री गौतम टेटवाल अपने विधानसभा क्षेत्र में सारंगपुर से पचोर तक बस से सफर किया। इसके 2 दिन बाद वे प्रभारी जिले बड़वानी में भी कलेक्टर जयति सिंह और अधिकारियों के साथ बस से बैठक में शामिल होने पहुंचे।
CM का काफिला कम
इधर, सीएम डॉ. यादव ने खुद अपने काफिले में एस्कॉर्ट और गाड़ियों की संख्या कम की है। पहले उनके काफिले में 13 वाहन चलते थे, जबकि अब सिर्फ 6 गाड़ियां हैं। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने मेट्रो से सफर कर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया था।
केंद्रीय नेतृत्व की फटकार
पीएम मोदी की इस अपील को अनदेखा कर मध्य प्रदेश के नवनियुक्त निगम, मंडल और बोर्ड के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों ने वाहन रैलियां निकालीं, जिसके बाद पूरे देश में MP BJP नेताओं की फजीहत हुई। मामले में दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व की फटकार लगाई तो एमपी BJP ने दो नेताओं पर एक्शन लिया। साथ ही कई नेताओं को हिदायत भी दी गई। वाहन रैलियों को लेकर आलोचना होने के बाद अब पार्टी ने सख्ती दिखाई। इसके बाद मंत्री, विधायक और सांसद भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते नजर आ रहे हैं।