बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सिस्टम की गलती बताते हुए छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर सवाल उठाए।
“चुनाव तो लीक नहीं होते, काश वोट लीक हो जाएं”
बद्रीनाथ धाम में चल रही कथा के दौरान उन्होंने कहा कि जब परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी होती है तो उसका खामियाजा मेहनती छात्रों को भुगतना पड़ता है।उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया तो लीक नहीं होती, लेकिन “काश नेताओं के वोट लीक हो जाएं”, जिससे व्यवस्था की खामियां सामने आ सकें। धीरेंद्र शास्त्री ने सवाल उठाया कि जब गलती सिस्टम की है, तो उसकी सजा छात्रों को क्यों मिलती है। उन्होंने कहा कि NEET जैसी परीक्षाओं में शामिल होने वाले कई विद्यार्थी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं, जो कर्ज लेकर फीस भरते हैं। पेपर लीक होने से न सिर्फ छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदें भी टूट जाती हैं।
फीस माफ करने की मांग
उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली की गलती से पेपर लीक होता है, तो प्रभावित छात्रों की अगली परीक्षा की फीस माफ की जानी चाहिए।
छात्रों को दी हिम्मत
कथा के दौरान उन्होंने कई छात्रों से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा परिणाम या पेपर लीक जैसी घटनाओं से निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी। धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.