मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत लगभग तय हो गई है। नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा 11 जून को दोपहर 3 बजे समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा भाजपा के तीनों उम्मीदवारों को विजयी प्रमाण पत्र सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। राज्यसभा चुनाव में तीन सीटों के लिए केवल तीन वैध नामांकन शेष रहने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
रजनीश अग्रवाल और महेश केवट ही बचे रहे
दरअसल, कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद चुनावी मुकाबला समाप्त हो गया। भाजपा ने स्क्रूटनी के दौरान आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने खिलाफ दर्ज एक आपराधिक प्रकरण की जानकारी नामांकन पत्र में छिपाई है। आपत्ति पर विचार करने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन खारिज कर दिया। इसके चलते मैदान में केवल भाजपा उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट ही बचे रहे।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में उत्साह का माहौल
निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बनने के बाद विधानसभा परिसर और भाजपा प्रदेश कार्यालय में उत्साह का माहौल है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में नव निर्वाचित राज्यसभा सांसदों के स्वागत की विशेष तैयारी की गई है। जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद तीनों नेता भाजपा कार्यालय पहुंचेंगे, जहां प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी पदाधिकारी उनका अभिनंदन करेंगे।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले का विरोध किया है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए चुनाव आयोग और केंद्रीय चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। आयोग ने रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को बरकरार रखा।
मजबूत करने का अवसर मिलेगा
अब मीनाक्षी नटराजन ने न्यायिक राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि, फिलहाल उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। ऐसे में भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होना तय माना जा रहा है, जिससे पार्टी को उच्च सदन में मध्य प्रदेश से अपनी स्थिति और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।